Tuesday, November 27, 2012

लोकार्पण की कुछ तसवीरें ......





आज देखिये शनिवार 24 नवम्बर 2012  को हुए मेरे संपादन में निकली पत्रिका 'सरस्वति-सुमन' और मेरे काव्य संग्रह 'दर्द की 'महक  के लोकार्पण की कुछ तसवीरें ......








27 comments:

Anita said...

बहुत अच्छे ! तस्वीरें भी बहुत अच्छी हैं !:-)
हार्दिक शुभकामनाएँ व बधाई !
~सादर !!!

Reena Maurya said...

इस विशेष उपलब्धि पर आपको बहुत बहुत बधाई..
और ढ़ेर सारी शुभकामनाएँ...
:-)

डॉ शिखा कौशिक ''नूतन '' said...

badhai
हम हिंदी चिट्ठाकार हैं

रचना दीक्षित said...

बहुत बहुत बधाईयाँ और शुभकामनाएँ इस सुअवसर पर.

शालिनी कौशिक said...

.बधाई देर से ही सही प्रशासन जागा :बधाई हो बार एसोसिएशन कैराना .जिंदगी की हैसियत मौत की दासी की है

Madhuresh said...

Nice pics.. ढेर साड़ी बधाइयाँ और सादर शुभकामनाएं
~ मधुरेश

प्रवीण पाण्डेय said...

आपको ढेरों बधाइयाँ..

डॉ टी एस दराल said...

पुस्तकों के लोकार्पण पर बहुत बधाई।
परन्तु सब इतने गंभीर क्यों हैं भाई ! :)

काजल कुमार Kajal Kumar said...

वाह जी बल्‍ले बल्‍ले

देवेन्द्र पाण्डेय said...

सुंदर तस्वीरें..बहुत बधाई..हाय! यह पत्रिका अपने हाथ नहीं आई!!

Anju (Anu) Chaudhary said...

बधाई स्वीकार करें

यादें....ashok saluja . said...

हीर जी , बहुत-बहुत मुबारक और बहुत सारी शुभकामनाएँ आने वाले सुखमय जीवन के लिए ....

पत्रिका की इंतज़ार में ....

उपेन्द्र नाथ said...

Bahut achchhi tasvire. Kshanikaon ke chayan men aap ne jo mehnat ki hai vah kabiletarif hai. Sabhi ek se badhkar ek hai. Iske alava aapki kavitayen kamal ki hai, dard men sarabor. Aapko badhai evam shubhkamnayen.

हरकीरत ' हीर' said...

देवेन्द्र जी अपना पता दीजिये ....!!

सोनरूपा विशाल said...

बहुत बढ़िया उपलब्धि है ..........अनेकों बधाइयाँ !

Hari Shanker Rarhi said...

Congrats!!!

सदा said...

आपकी उपलब्धियां यूँ ही दिनों दिन प्रगतिपथ पर अग्रसर रहें ... बहुत-बहुत बधाई सहित अनंत शुभकामनाएं !!!
सादर

Onkar said...

बहुत बहुत बधाई

वीना said...

बहुत-बहुत बधाई...हरकीरत जी मैं तो केवल प्रयास कर रही हूं...उसमें कोई बुराई नहीं. प्रयास मिलजुलकर ही सफल होते हैं. उम्मीद है कारवां बनेगा....

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

बहुत बहुत बधाई ....

Suman said...

हरकीरत जी,
बहुत बहुत बधाई हो आपको !

Nagarjuna Singh said...

अच्छा लगा...क्षणिकाएं तो जैसे लुप्तप्राय हैं...प्रयास के लिए बधाई. प्रति कहाँ मिलेगी बता देतीं तो मुझे प्राप्त करने में सहूलियत होती.

Rajendra Swarnkar : राजेन्द्र स्वर्णकार said...


दर्द की महक के प्रकाशन और लोकार्पण के शुभ अवसर पर बहुत बहुत बधाई और शुभकामनाएं स्वीकार कीजिए हरकीरत 'हीर' जी !
…और सरस्वती सुमन के बेहतरीन संपादन के लिए पुनः बधाई !
वाकई संग्रहणीय है यह विशेषांक …
आपने मुझ जैसे अदना रचनाकार की क्षणिकाओं को भी मान दिया … आभार !

दर्द की महक से हम अच्छी तरह परिचित हैं , … लेकिन आपके हस्ताक्षर सहित 'दर्द की महक' हमारे संग्रह के लिए पाने का सपना कभी सच होता है या नहीं , यह देखने की बात है…

इस पोस्ट के लिए विशेष आभार ! कम से कम दुनिया को आपकी ताज़ा तस्वीर तो देखने को मिली …
दराल साहब की बात पर ग़ौर कीजिएगा… :)

शुभकामनाओं सहित…

निहार रंजन said...

ढेर सारी बधाइयां. तसवीरें साझा करने के लिए शुक्रिया.

हरकीरत ' हीर' said...

आद राजेन्द्र जी अब हीर के लिए इतना तो कर लीजिये
'दर्द की महक' फ्लिप कार्ड पे बिक रही है खरीद लीजिये

प्रसन्न वदन चतुर्वेदी said...

सुन्दर...बहुत बहुत बधाई...

hindiblogdirectory said...

सादर आमंत्रण,
आपका ब्लॉग 'हिंदी चिट्ठा संकलक' पर नहीं है,
कृपया इसे शामिल कीजिए - http://goo.gl/7mRhq