हरकीरत ' हीर'
हरकीरत ' हीर' की नज्में ....
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Wednesday, June 3, 2015
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मुरझाये फूल ..... ****************** क भी चाहतों के धागे से लिखा था मुहब्बत का पहला गीत इक हर्फ़ बदन से झड़ता और इश्क़ की महक फ़ैल जात...
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Sunday, November 30, 2014
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इश्क़ इक खूबसूरत अहसास .... तु मने ही तो कहा था मुहब्बत ज़िन्दगी होती है और मैंने ज़िन्दगी की तलाश में मुहब्बत के सारे फूल तेरे दरवाजे ...
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Wednesday, August 13, 2014
आज़ादी से पहले कुछ सवाल ....
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आज़ादी से पहले कुछ सवाल .... जब मैं यहाँ लिख रही थी आज़ादी की कविता तुम वहाँ बुन रहे थे साज़िशों जाल किस तरह रचा जाये शब्दों का चक्रव्...
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Saturday, July 5, 2014
मुहब्बत की तक़दीर .......
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मुहब्बत की तक़दीर ....... इक अनलिखी तक़दीर जिसे दर्द ने बार -बार लिखना चाहा अपने अनसुलझे सवालों को लेकर आज भी ज़िंदा खड़ी है .... ...
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Thursday, May 15, 2014
काला गुलाब ....
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काला गुलाब .... औरत ने जब भी मुहब्बत के गीत लिखे काले गुलाब खिल उठे हैं उसकी देह पर रात ज़िस्म के सफ़हों पर लिख देती है उसके क...
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Wednesday, May 7, 2014
मुहब्बत का लफ़्ज ……
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मुहब्बत का लफ़्ज़ …… कभी -कभी सोचती हूँ रिश्तों के फूल काटें क्योँ बन जाते हैं औरत को दान देते वक़्त रब्ब क्यों क़त्ल कर देता है उसके ख़्...
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Monday, May 5, 2014
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दीवारों के पीछे की औरत ..... कभी इन दीवारों के पीछे झाँककर देखना तुम्हें औरत और मर्द का वो रिश्ता नज़र आयेगा जहां बिस्तर पर रेंगते ह...
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